3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण साल की सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में से एक माना जा रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) होगा, जिसमें चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा और उसका रंग तांबे या लाल जैसा दिखाई देगा। इसे आम भाषा में ब्लड मून भी कहा जाता है।
यह ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए जहां एक अद्भुत खगोलीय घटना है, वहीं धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व होता है।
चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026: तारीख और दिन
तारीख: 3 मार्च 2026
दिन: मंगलवार
भारत में चंद्र ग्रहण का समय (संभावित)
- उपछाया ग्रहण शुरू – दोपहर 03:20 बजे
- आंशिक ग्रहण शुरू – शाम 04:30 बजे
- पूर्ण चंद्र ग्रहण शुरू – शाम 05:32 बजे
- ग्रहण का मध्य – शाम 06:12 बजे
- पूर्ण ग्रहण समाप्त – शाम 06:52 बजे
भारत में कई स्थानों पर चंद्रोदय के समय ग्रहण दिखाई देगा, इसलिए यह एक बेहद खास दृश्य होगा।
क्या भारत में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
हाँ, 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा।
हालांकि, कुछ शहरों में चंद्रमा ग्रहण के बीच में उदय होगा, जिससे लोग पूर्ण ग्रहण का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे।
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सूतक काल कब से लगेगा?
हिंदू मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
सूतक काल शुरू – सुबह लगभग 08:30 बजे से
सूतक काल में क्या होता है?
- मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं
- पूजा-पाठ नहीं किया जाता
- भोजन बनाना और खाना वर्जित माना जाता है
(बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को छूट होती है)
चंद्र ग्रहण क्यों लगता है? (वैज्ञानिक कारण)
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती। पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और इसी स्थिति को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देता है क्योंकि पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की किरणों को मोड़कर चंद्रमा तक पहुंचाता है।
किन-किन जगहों पर दिखाई देगा?
यह चंद्र ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा:
- भारत
- एशिया
- ऑस्ट्रेलिया
- यूरोप के कुछ भाग
- अफ्रीका
धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय:
✔ मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है
✔ भगवान का ध्यान किया जाता है
✔ ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान किया जाता है
गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियां
- घर से बाहर न निकलें
- नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें
- भगवान का नाम स्मरण करें
(ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं)
ग्रहण के दौरान क्या न करें
- भोजन न करें
- शुभ कार्य न करें
- सोना नहीं चाहिए
ग्रहण के बाद क्या करें
- स्नान करें
- घर में गंगाजल छिड़कें
- जरूरतमंदों को दान करें
निष्कर्ष
3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण एक दुर्लभ और अद्भुत खगोलीय घटना होगी, जिसे भारत में भी देखा जा सकेगा। यह न केवल विज्ञान प्रेमियों के लिए खास होगा बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सही समय की जानकारी और जरूरी सावधानियों के साथ आप इस खगोलीय नजारे का आनंद ले सकते हैं।
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